Oct 28 2026 / 10:18 PM

इंदौर संभल नहीं रहा… अब देपालपुर संवारने निकले निगम के जिम्मेदार!

इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों की हालत यह है कि अपने ही शहर को ठीक से संभाल नहीं पा रहे। गड्ढों से पटी सड़कें, जगह-जगह कचरे का अंबार, थोड़ी-सी बारिश में तालाब बन जाता इंदौर… लेकिन दावे फिर भी नंबर-वन होने के। और अब तो हद ही हो गई! इंदौर को तो काबू में नहीं कर पा रहे, पर देपालपुर की सूरत 100 दिन में बदलने का ऐलान कर दिया गया है।

शनिवार को नगर निगम इंदौर और देपालपुर नगर परिषद के बीच एमओयू हुआ है। दावा किया गया कि 100 दिन में देपालपुर चमक उठेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही मंच से यह तक कह दिया गया कि देपालपुर को भी स्वच्छता में नंबर-वन बनाएंगे।

सवाल तो यही है – इंदौर का क्या?

इंदौर में हर साल करोड़ों खर्च करने के बावजूद आज हाल यह है कि लोग कचरे और पानी से त्रस्त हैं। सड़कों पर गड्ढे ऐसे हैं जैसे प्रशासन जनता की सहनशीलता की परीक्षा ले रहा हो। नाली-सीवर की समस्याएं हर कॉलोनी में जस की तस। और अब वही जिम्मेदार देपालपुर में नंबर-वन स्वच्छता का सपना बेच रहे हैं।https://www.instagram.com/reel/DPEUDZpEuJc/

कागज़ पर स्वच्छता, ज़मीन पर गंदगी

इंदौर को देशभर में स्वच्छता का सिरमौर बताकर हर साल तालियां बटोरी जाती हैं, लेकिन असल तस्वीर इंदौर की गलियों और सड़कों में ही नजर आ जाती है। निगम के जनप्रतिनिधि इंदौर के हालात सुधार नहीं पा रहे, लेकिन अब नए-नए टारगेट लेकर देपालपुर में वादों के पुल बांध रहे हैं।

जनता पूछ रही है…

  • क्या इंदौर की टूटी सड़कें और गंदगी देखकर भी निगम को शर्म नहीं आती?
  • जब इंदौर ही बदहाल है तो देपालपुर को चमकाने का दावा किस भरोसे पर किया जा रहा है?
  • यह स्वच्छता अभियान है या केवल फोटो और भाषणों का खेल?
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