MP से मानसून विदा…पर बारिश होती रहेगी:15-16 अक्टूबर को दक्षिणी हिस्से में अलर्ट; भोपाल-इंदौर में रातें ठंडी रहेंगी
पूरे मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई हो गई है। सोमवार को सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, जबलपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा से भी मानसून विदा हो गया। इस साल 3 महीने 28 दिन मानसून एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी।
हालांकि, भले ही मानसून लौट गया है, लेकिन बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन 15 और 16 अक्टूबर को प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में गरज-चमक के साथ पानी गिर सकता है।
3 किश्तों में मानसून की रवानगी इस बार मानसून की तीन किश्तों में रवानगी हुई है। सबसे पहले 12 जिलों से मानसून लौटा। फिर करीब 35 जिलों से विदाई हुई और सोमवार को यह पूरे प्रदेश से रवाना हो गया। हवा का रुख बदला, रातें हुई ठंडी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, दक्षिणी हिस्से के जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके बाद कई जिलों में बूंदाबांदी होने के आसार है। इस बीच प्रदेश में रातें ठंडी हो गई है। हवा का रुख बदलने से ऐसा हो रहा है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवा चल रही है और मध्यप्रदेश में ठंडक बढ़ा रही है।
रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के नीचे आ गया। इंदौर-राजगढ़ में 14.6 डिग्री, भोपाल में 15.8 डिग्री, उज्जैन में 17.3 डिग्री, ग्वालियर में 21.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसी तरह बैतूल में 17.2 डिग्री, धार में 16.9 डिग्री, गुना में 18.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.9 डिग्री, खंडवा में 16.4 डिग्री, खरगोन में 17 डिग्री, पचमढ़ी में 17.8 डिग्री, रतलाम में 17.2 डिग्री, शिवपुरी में 18 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.8 डिग्री, नौगांव में 15.3 डिग्री, टीकमगढ़, रीवा-सागर में 18 डिग्री रहा।गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिरा है।
इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है।
ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।
