Apr 18 2026 / 4:36 PM

मध्यप्रदेश में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें अब जाएंगी मुख्य सचिव तक, सरकार ला रही है एल-5 सिस्टम

भोपाल।
मध्यप्रदेश सरकार अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) की लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। एल-4 स्तर के बाद अब एल-5 लेवल जोड़ा जाएगा, जिसके तहत शिकायतें सीधे मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव तक पहुंचेंगी। यह व्यवस्था गुजरात मॉडल पर आधारित होगी।


🔹 अब मुख्य सचिव करेंगे मॉनिटरिंग

अब तक सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें एल-1 से एल-4 स्तर तक निपटाई जाती थीं। लेकिन यदि किसी शिकायत का समाधान इन चारों स्तरों पर नहीं हो पाता है, तो अब वह एल-5 स्तर पर जाएगी, जहाँ मुख्य सचिव या अपर मुख्य सचिव स्वयं उसकी समीक्षा और कार्रवाई करेंगे।

इसके साथ ही, हर स्तर के अधिकारी को अब अपनी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा, ताकि जवाबदेही तय हो सके।


🔹 “फोर्स क्लोज” से पहले बताना होगा कारण

कई बार शिकायतें बिना समाधान के ही “फोर्स क्लोज” कर दी जाती थीं। नई व्यवस्था में ऐसा करने से पहले संबंधित अधिकारी को शिकायतकर्ता को कारण बताना होगा कि उसकी शिकायत क्यों बंद की जा रही है। यह नियम एल-5 स्तर पर भी लागू रहेगा।


🔹 गुजरात मॉडल से ली प्रेरणा

सरकार का एक दल हाल ही में गुजरात भेजा गया था, जहाँ अधिकारियों ने गुजरात सीएम हेल्पलाइन सिस्टम का अध्ययन किया। रिपोर्ट में पाया गया कि शिकायतों में देरी का मुख्य कारण एल-1 स्तर पर जिम्मेदारी की कमी और ऑपरेटर-निर्भर प्रक्रिया है।

इसी रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार अब अपने सिस्टम में बदलाव कर रही है, ताकि शिकायतों का निपटारा तेज़ी और पारदर्शिता से हो सके।


🔹 प्रस्ताव शासन के पास लंबित

मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव संदीप आष्ठाना के अनुसार,

“गुजरात मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में एल-5 स्तर जोड़ा जा रहा है, जिसके तहत मुख्य सचिव तक शिकायतें पहुंचेंगी। फिलहाल यह कार्रवाई प्रस्तावित है, शासन की अनुमति के बाद इसे लागू किया जाएगा।”

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