Dec 01 2025 / 4:52 AM

महिला ने पुलिस पर मारपीट और जबरन जुर्म कबूल कराने का आरोप लगाया, पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा थाना क्षेत्र में एक महिला ने पुलिस पर मारपीट और जबरन जुर्म कबूल करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि वह कैंसर की मरीज है और चोरी के एक मामले में पुलिस ने उसे थाने में पीटकर चोरी स्वीकारने के लिए मजबूर किया। वहीं, पुलिस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि पूछताछ में महिला ने अपनी मर्जी से चोरी करना स्वीकार किया था।


📍 क्या है मामला?

50 वर्षीय नूरजहां, जो आष्टा के किला मोहल्ले की निवासी हैं और कैंसर से पीड़ित बताई जा रही हैं, मोहल्ले के कुछ घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। 15 सितंबर को प्रॉपर्टी डीलर अरशद के घर से 1.40 लाख रुपये चोरी होने का मामला सामने आया। अरशद ने इस चोरी का संदेह नूरजहां पर जताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


🧓 नूरजहां का आरोप: ‘मुझे मारा गया, जबरन कबूल कराया’

नूरजहां का कहना है कि उन्हें और उनके पति को 20 सितंबर को पुलिस थाने ले जाया गया। वहां, एक महिला पुलिसकर्मी सहित तीन पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ की। नूरजहां ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई।

“मैं चिल्लाती रही कि मुझे कैंसर है, बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। जब तक मैंने चोरी कबूल नहीं की, तब तक मारा गया,” – नूरजहां

नूरजहां के पति साबिर लाल ने दावा किया कि इस मारपीट की वजह से नूरजहां की बीमारी की स्थिति और बिगड़ गई। उनका कहना है कि डॉक्टरों ने पेट में गांठ फूटने की बात कही और उन्हें भोपाल रेफर किया।


🧑‍⚖️ कानूनी पक्ष की तैयारी

परिवार की तरफ से वकील ताज मोहम्मद ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग में करेंगे। उनका आरोप है कि नूरजहां के साथ बिना सबूत के मारपीट की गई, जो गैरकानूनी है।


🧑‍⚕️ चिकित्सा रिपोर्ट क्या कहती है?

आष्टा सिविल अस्पताल के डॉक्टर अंकित पोरवाल ने पुष्टि की कि नूरजहां को लिवर कैंसर है और उनकी हालत गंभीर थी, इसलिए उन्हें भोपाल रेफर किया गया।

इस मामले में मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLC) तैयार करने वाली डॉक्टर दिशा झा के अनुसार,

“महिला के हाथ में सूजन थी, पैरों और बाएं कूल्हे पर चोट के निशान थे। ये चोटें कैसे लगीं, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता।”


🧍‍♂️ चोरी की शिकायत करने वाला पक्ष क्या कहता है?

प्रॉपर्टी डीलर अरशद का कहना है कि चोरी की रकम उनकी बेटी की शादी के लिए रखी गई थी। वे 15 सितंबर को इंदौर गए थे और लौटने पर पैसे गायब मिले।

“जब नूरजहां काम पर आई, तो उसका जवाब संदेहास्पद था। हमारे रिश्तेदारों ने ही बताया कि उसने चोरी करना स्वीकार किया है। हमने इसी आधार पर पुलिस में शिकायत दी।” – अरशद


🚔 पुलिस ने सभी आरोपों को नकारा

पुलिस की ओर से एसडीओपी आकाश अमलकर ने कहा कि चोरी की शिकायत पर नूरजहां से पूछताछ की गई थी, लेकिन कोई मारपीट नहीं हुई।

“पूछताछ में महिला ने स्वयं स्वीकार किया कि उसने चोरी की है। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। मारपीट के आरोप निराधार हैं और खुद को बचाने की कोशिश हो सकती है।” – आकाश अमलकर, एसडीओपी


📌 फिलहाल स्थिति क्या है?

  • नूरजहां की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है और वह चल-फिर नहीं पा रही हैं।
  • परिवार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।
  • पुलिस इस मामले में किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से इनकार कर रही है।
  • मेडिकल रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन उनके कारणों पर स्पष्टता नहीं है।

🔍 जांच की जरूरत

मामला गंभीर है और दोनों पक्षों की बातों में बड़ा अंतर है। जहां महिला और उसका परिवार मारपीट व अत्याचार का आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस इसे खारिज कर रही है। निष्पक्ष जांच ही इस मामले में सच्चाई सामने ला सकती है।

Share With

मध्यप्रदेश