Apr 18 2026 / 4:30 PM

बच्चों में भी बढ़ रहा गठिया, इंदौर में जुटेंगे देशभर के विशेषज्ञ

पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी की नेशनल कॉन्फ्रेंस 2025


इंदौर। बच्चों में गठिया और उससे जुड़ी ऑटो इम्यून बीमारियों पर केंद्रित नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी (NCPR-2025) इस बार इंदौर में आयोजित होने जा रही है। यह 23वीं कॉन्फ्रेंस है और सेंट्रल इंडिया में पहली बार इसका आयोजन होगा।

सम्मेलन 3 से 5 अक्टूबर 2025 तक अंबर कन्वेंशन सेंटर में होगा। पहले दिन सीएमई सत्र और बाकी दो दिन एडवांस टॉपिक्स पर चर्चा होगी। आयोजन समिति में डॉ. एस.एस. रावत (चेयरपर्सन) और डॉ. ज्योति संघवी (सेक्रेटरी) शामिल हैं।

बच्चों में भी होता है गठिया

विशेषज्ञों का कहना है कि गठिया सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि नवजात से लेकर 16 साल तक के बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है। यह हड्डियों की नहीं बल्कि ऑटो इम्यून से जुड़ी बीमारी है। इसके लक्षणों में जोड़ों में सूजन-दर्द, बार-बार बुखार, आंखों में लालपन, शरीर पर दाग-धब्बे, मुंह में छाले, धूप से एलर्जी और बाल झड़ना शामिल हैं। इनमें से कई संकेत लूपस नामक बीमारी से भी जुड़े हैं।

भ्रांतियां तोड़ना ज़रूरी

डॉ. ज्योति संघवी ने बताया कि आम धारणा है कि यह बीमारी लाइलाज है, जबकि अब भारत में ही इसका प्रभावी इलाज उपलब्ध है। जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करने के लिए हर साल यह कॉन्फ्रेंस देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाती है।

250 से ज्यादा डॉक्टर होंगे शामिल

इस बार सम्मेलन में देशभर से करीब 250 डॉक्टर हिस्सा लेंगे। इनमें 125 से ज्यादा पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजिस्ट और शेष पीडियाट्रिक विशेषज्ञ होंगे। खास बात यह है कि सिंगापुर, यूके और टर्की से भी विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे। मध्यप्रदेश में बच्चों की रूमेटोलॉजी की एकमात्र विशेषज्ञ डॉ. ज्योति संघवी इंदौर में प्रैक्टिस करती हैं, जिससे यह आयोजन प्रदेश के लिए और भी अहम बन जाता है।

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