अस्पताल में ‘साजिश’! ICU में बच्चों की ऑक्सीजन सप्लाई काटी गई, बड़ी त्रासदी टली
सीधी | जिला अस्पताल से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ICU में भर्ती मासूम बच्चों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ किया गया।
ICU में भर्ती 9 बच्चों की ऑक्सीजन पाइपलाइन का कनेक्शन किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर बंद कर दिया, जिससे ऑक्सीजन का दबाव अचानक गिर गया और बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। चार मिनट की देरी और यह हादसा किसी भी मां-बाप की पूरी ज़िंदगी तबाह कर सकता था!
हालात बिगड़ते देख डॉक्टरों ने तुरंत सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे को सूचना दी, जिन्होंने गंभीरता को समझते हुए सिर्फ 4 मिनट में सप्लाई बहाल कर दी। इस तेज़ एक्शन से एक संभावित जनहानि को टाल दिया गया।
📹 पूरी घटना CCTV में कैद, अस्पताल बना असामाजिक तत्वों का अड्डा!
हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना अस्पताल के CCTV कैमरों में कैद हो चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि ICU जैसी संवेदनशील जगह पर भी कोई आसानी से घुसकर पाइपलाइन बंद कर सकता है!
पुलिस में शिकायत दर्ज कर दी गई है और जांच शुरू हो चुकी है। लेकिन यह सवाल अब भी ज़िंदा है – अगर डॉक्टर 4 मिनट देर कर देते तो क्या होता?
👊 ICU के बाहर ऑक्सीजन बंद, अंदर मारपीट का तांडव!
इसी अस्पताल में एक और हिला देने वाला मामला सामने आया है। मरीज का आरोप है कि रात में इमरजेंसी में पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर नशे में धुत्त थे। मरीज का कहना है कि डॉक्टर नितिन और एक अन्य व्यक्ति ने शराब के नशे में उसकी बेरहमी से मारपीट की, जिससे चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और जनता में ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है।
🚨 सवालों के घेरे में जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था
जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति आसानी से वार्डों तक पहुंच जाता है। मारपीट, हंगामे और अब बच्चों की जान लेने की कोशिश जैसी घटनाएं आम हो गई हैं।
क्या अस्पताल प्रशासन जागेगा, या अगली बार लाशें उठेंगी?
🔍 प्रशासन की सफाई
सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे ने कहा:
“असामाजिक तत्वों द्वारा ऑक्सीजन पाइपलाइन बंद कर दी गई थी। समय रहते सप्लाई बहाल कर दी गई और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। घटना की शिकायत पुलिस को दी गई है। मारपीट मामले में डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।”
🧨 अब सवाल ये है:
- ICU जैसी सुरक्षित जगह पर कैसे घुसा कोई बाहरी?
- सुरक्षा गार्ड कहां थे?
- ऑक्सीजन सप्लाई जैसी जिंदगी से जुड़ी व्यवस्था को इतनी आसानी से कौन बंद कर सकता है?
- और डॉक्टर अगर नशे में हैं, तो मरीज़ जाएं कहां?
यह सिर्फ एक लापरवाही नहीं… यह मासूम जिंदगियों की हत्या की कोशिश थी!
