घटिया क्वालिटी पर आयुक्त का वार — प्लांट पर पहुंचे, लिया सैंपल, दिए पेनल्टी के आदेश
निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने शुरू किया “जीरो टॉलरेंस” अभियान — अब डामर प्लांट पर होगी क्वालिटी जांच, घटिया मटेरियल पर सीधे कार्रवाई
इंदौर, 12 अक्टूबर 2025।
शहर की टूटी सड़कों को लेकर लापरवाह ठेकेदारों पर अब निगम सख्त हो गया है। निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” अभियान की शुरुआत करते हुए आज सुबह बेटमा के आगे ग्राम धुनेरी स्थित जय बजरंग स्टोन क्रशर (अनंत अग्रवाल एजेंसी) के डामर प्लांट पर पहुंचकर अचानक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने देखा कि पेचवर्क और डामरीकरण कार्य में इस्तेमाल होने वाले मटेरियल की गुणवत्ता मानक अनुरूप नहीं है। उन्होंने मौके से ही डामर मिक्स और चुरी के सैंपल लिए, और क्वालिटी खराब पाए जाने पर एजेंसी पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा —
“अब निगम की सड़कों की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। प्लांट पर ही इंजीनियर नियुक्त होंगे जो मटेरियल की जांच कर रिपोर्ट देंगे। घटिया मटेरियल साइड पर नहीं पहुंचेगा।”
उन्होंने निर्देश दिए कि हर अनुबंधित एजेंसी के प्लांट पर निगम इंजीनियर तैनात रहेंगे, जो हॉट मिक्स मटेरियल की गुणवत्ता जांचकर ही साइड पर भेजने की अनुमति देंगे।
आयुक्त ने यह भी कहा कि —
“प्लांट पर निगरानी बढ़ाने से 80% तक सड़कों की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है। जहां से मटेरियल अच्छा आएगा, वहीं से काम अच्छा होगा।”
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, अर्थ जैन, अभय राजनगांवकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
प्लांट पर निरीक्षण के दौरान चूरी में डस्ट अधिक होने पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसा मटेरियल किसी भी हाल में उपयोग न किया जाए। साथ ही टेंडर जारी करते समय गिट्टी, तापमान और सीविंग (छलनी) की प्रक्रिया का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।
इस कार्रवाई के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि अब निगम प्रशासन डामर कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेगा।
घटिया मटेरियल, लापरवाही या भ्रष्टाचार – किसी को भी नहीं मिलेगी रियायत।
