बिहार चुनाव में बीजेपी का मप्र मॉडल: एमपी से 6 बड़े नेता मैदान में उतारे, 58 सीटों की रणनीति संभालेंगे

भोपाल/पटना | 29 सितंबर 2025
बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने “मध्यप्रदेश मॉडल” को मैदान में उतार दिया है। पार्टी ने एमपी के अनुभवी नेताओं को बिहार की चुनावी सियासत में उतारते हुए उन्हें ज़ोनल प्रभार और संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन नेताओं को मिथिला, तिरहुत, सारण, चंपारण, पटना और मगध जैसे प्रमुख इलाकों में तैनात किया गया है।
महेन्द्र सिंह और हितानंद को मिला बड़ा मोर्चा
मध्यप्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को मिथिला और तिरहुत ज़ोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां 12 जिलों की 58 विधानसभा सीटें और 10 लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रणनीति से लेकर जमीनी प्रचार अभियान तक की कमान ये दोनों नेता संभालेंगे।
चंपारण-सारण संभालेंगे अजय जामवाल
पार्टी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल को सारण और चंपारण ज़ोन में चुनाव संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। इन क्षेत्रों में लगभग 45 विधानसभा सीटें आती हैं। माना जा रहा है कि पार्टी इन्हें एक मजबूत रणनीतिकार के रूप में देखती है, जो पूर्व के राज्यों में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
एमपी के छह और नेता बिहार के अलग-अलग मोर्चों पर
भाजपा ने मध्यप्रदेश के छह और दिग्गज नेताओं को भी बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा है:
- वी.डी. शर्मा (खजुराहो सांसद) – पटना व बेगूसराय ज़ोन
- विश्वास सारंग (खेल मंत्री, मप्र) – सिवान
- अरविंद भदौरिया (पूर्व मंत्री) – गोपालगंज
- अनिल फिरोजिया (उज्जैन सांसद) – गया
- गजेन्द्र पटेल (खरगोन सांसद) – खगड़िया
- डॉ. के.पी. यादव (पूर्व सांसद) – समस्तीपुर
इन सभी नेताओं को ज़मीनी फीडबैक, उम्मीदवार चयन में सहयोग, और बूथ स्तर की रणनीति को मज़बूत करने का काम सौंपा गया है।
बीजेपी की चुनावी रणनीति में मप्र की झलक
बिहार में बीजेपी की इस तैनाती से स्पष्ट है कि पार्टी मध्यप्रदेश में मिली चुनावी सफलता को बिहार में दोहराने की कोशिश कर रही है। मप्र के नेता जहां संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनकी सादगी और सघन जनसंपर्क शैली से पार्टी को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
