Apr 18 2026 / 4:28 PM

‘मोंथा’ से मचा मौसम में उलटफेर: मध्य प्रदेश में फिर बारिश का दौर, 11 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल | 29 अक्टूबर 2025
मध्य प्रदेश में इस वक्त तीन वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव हैं — डिप्रेशन, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन। इनकी वजह से प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है। वहीं अरब सागर में बने डिप्रेशन से उठे तूफान ‘मोंथा’ के असर से हवा का रुख और तेज हो गया है।

मंगलवार को प्रदेश के नौ जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल और इंदौर में तेज आंधी चली। मौसम विभाग ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


तीन वेदर सिस्टम से बढ़ी बारिश की सक्रियता

मौसम विभाग के अनुसार,

  • अरब सागर में एक डिप्रेशन (अवदाब) सक्रिय है।
  • इस सिस्टम से जुड़ी टर्फ लाइन मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है।
  • वहीं, प्रदेश के उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।

इन तीनों सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी है। तूफान ‘मोंथा’ की वजह से हवा की रफ्तार और भी बढ़ गई है।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार,

“अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे। अगले 24 घंटे में श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश हो सकती है।”


मंगलवार को 9 जिलों में गिरी बारिश

सक्रिय सिस्टम के असर से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई।
भोपाल में शाम के समय तेज आंधी चली। कई जिलों में बारिश के कारण फसलों को नुकसान की खबरें भी मिली हैं।


मानसून विदा, पर बारिश जारी

मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई 13 अक्टूबर को हो चुकी है। इस बार मानसून 16 जून से 13 अक्टूबर (3 महीने 28 दिन) तक सक्रिय रहा।
फिर भी अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर जारी है।
29 से 31 अक्टूबर तक तेज बारिश की संभावना है, जिसमें 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा।


आने वाली सर्दी होगी ‘कड़ाके की’

मौसम विभाग के अनुसार, इस साल नवंबर से जनवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी और फरवरी तक इसका असर रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2010 के बाद यह सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है।
सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना भी जताई गई है, क्योंकि ला-नीना परिस्थितियां विकसित हो रही हैं।


इस बार ‘हैप्पी एंडिंग’ वाला मानसून

प्रदेश के 50 जिलों में मानसून का कोटा पूरा हुआ।

  • गुना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला रहा — 65.7 इंच बारिश
  • श्योपुर में 216.3% बारिश दर्ज की गई।
  • वहीं, शाजापुर में सबसे कम बारिश — 28.9 इंच (81.1%) हुई।

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, पूरे सीजन में मध्य प्रदेश में 115% बारिश दर्ज की गई — यानी अनुमान से 15% अधिक।
ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में औसत से दोगुनी बारिश हुई।


📍 संक्षेप में:

  • आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
  • अगले 4 दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा
  • नवंबर से भीषण ठंड की शुरुआत
  • ला-नीना के असर से सर्दियों में भी बारिश संभव
Share With

मध्यप्रदेश