DAVV में नेपाल जैसा GenZ प्रोटेस्ट प्लान बेनकाब!
स्टूडेंट्स का बड़ा षड्यंत्र पकड़ा गया!
इंदौर के DAVV IET से एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। यूनिवर्सिटी की एंटी-रैगिंग कमेटी ने दावा किया है कि यहां सीनियर्स नेपाल की तर्ज पर GenZ प्रोटेस्ट खड़ा करने की प्लानिंग कर रहे थे।
📌 खुलासे में क्या सामने आया?
- सीनियर्स ने फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स पर दबाव बनाया कि वे फर्जी ईमेल आईडी और ट्विटर अकाउंट बनाएं।
- उनसे हैशटैग वायरल कराने और सीनियर्स के मैसेज रीट्वीट करवाने की कोशिश की गई।
- विरोध करने वालों को बैच आउट करने और हॉस्टल से निकालने की धमकी तक दी गई।
- पूरा प्लान गुपचुप तरीके से शिवसागर रेस्टोरेंट में हुई सीक्रेट मीटिंग में तैयार किया गया।
🚨 सीनियर्स की करतूतें:
- अमन पटेल नाम के छात्र पर आरोप कि उसने हॉस्टल के सीसीटीवी तोड़ने और DVR चोरी करने तक की बात कही।
- उसका भाई अनुज पटेल, जो अवैध रूप से हॉस्टल में रह रहा था, उसके लिए एजेंट का काम कर रहा था।
- IET के कई और सीनियर्स का नाम भी मीटिंग में सामने आया है।
⚖️ कमेटी की सिफारिश:
एंटी-रैगिंग कमेटी ने DAVV प्रबंधन से कहा है कि दोषियों पर BNS की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। आरोप –
✔️ रैगिंग
✔️ धमकाना
✔️ फर्जी आईडी बनवाना
✔️ डिजिटल सबूत मिटाना
✔️ यूनिवर्सिटी विरोधी माहौल तैयार करना
👮 कुलपति की सफाई:
DAVV कुलपति राकेश सिंघई का कहना है – “नेपाल जैसा कोई GenZ प्रोटेस्ट नहीं, लेकिन फर्जी अकाउंट बनवाने का मामला गंभीर है। पुलिस से शिकायत की गई है और जांच जारी है।”
🛑 पहले भी रैगिंग की काली कहानी:
- अगस्त 2025 में IET हॉस्टल में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट ने UGC हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि सीनियर्स ने उसे फेक सोशल अकाउंट बनवाने और पोस्ट वायरल करने का दबाव डाला।
- एक अन्य मामले में, ‘गुड मॉर्निंग’ गलत बोलने पर सीनियर्स ने थर्ड ईयर स्टूडेंट की बेरहमी से पिटाई कर दी।
🔥 ABVP का कनेक्शन भी सामने आया!
ABVP नेताओं ने साफ किया कि आरोपी अमन पटेल कभी संगठन से जुड़ा था लेकिन 2 साल पहले ही उसे बाहर निकाल दिया गया था।
👉 फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
DAVV के लिए यह मामला सिर्फ रैगिंग नहीं बल्कि सुनियोजित डिजिटल षड्यंत्र की तरह सामने आया है।
🔴 इंदौर इनसाइट सवाल पूछता है:
क्या DAVV में रैगिंग के नाम पर लोकतांत्रिक विरोध की आड़ में छात्र राजनीति की नई साजिश चल रही है?
क्या पुलिस दोषियों तक सख्ती से पहुंचेगी, या यह भी मामले दबा दिए जाएंगे?
