चिड़ियाघर से लेकर शिक्षा सुधार तक: CM मोहन यादव की इंदौर-हरदा यात्रा रही खास
इंदौर/हरदा | 29 सितंबर 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इंदौर और हरदा यात्रा सोमवार को कई अहम गतिविधियों से भरपूर रही। सुबह उन्होंने इंदौर चिड़ियाघर का दौरा कर पक्षियों को दाना खिलाया और नए आए बायसन का निरीक्षण किया, वहीं दोपहर बाद हरदा के खिरकिया में राज्य स्तरीय शिक्षा कार्यक्रम में 489 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की।
इंदौर प्रवास के दौरान सीएम यादव सीधे रेसिडेंसी कोठी से चिड़ियाघर पहुंचे। यहां उन्होंने पक्षियों के बीच कुछ समय बिताया और कर्नाटक से आए जंगली भैंसों (बायसन) के दो जोड़ों को देखा। उन्होंने चिड़ियाघर प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि “मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं।”
उन्होंने कहा, “नामीबिया से लाए गए चीते यहां प्रजनन कर रहे हैं और इंदौर जैसे शहरों में ऑस्ट्रिच व बायसन भी स्थानीय माहौल में ढल रहे हैं। इससे प्रदेश का इको-टूरिज्म और भी मजबूत होगा।”
हरदा में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम
चिड़ियाघर भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री हरदा जिले के खिरकिया पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत 8.45 लाख बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति हेतु 489 करोड़ रुपये की राशि का सिंगल क्लिक ट्रांसफर किया। यह राशि प्रदेश के 20,652 निजी स्कूलों को वितरित की जाएगी।
इस मौके पर उन्होंने कहा, “सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
कार्यक्रम से पहले सिराली चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया गया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया।
गरबा महोत्सव और ‘स्वदेशी’ अभियान पर विशेष ध्यान
रविवार रात इंदौर पहुंचने के बाद सीएम यादव ने शहर में विभिन्न गरबा आयोजनों में भाग लिया और इंदौर के सांस्कृतिक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि “इंदौर का गरबा अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक परंपरा बन गया है।”
साथ ही, उन्होंने नागरिकों से आगामी त्योहारों में ‘स्वदेशी’ उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर हम न केवल अपने व्यापारियों को समर्थन देंगे, बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगे।
